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समाचार पत्र पर निबंध (न्यूज़पेपर एस्से)

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समाचार पत्र पर निबंध-Essay On Newspaper On Hindi

समाचार पत्र पर निबंध (Essay In Papers Through Hindi) :

भूमिका : मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है क्योंकि उसमें बुद्धि और ज्ञान है। जितना ज्ञान मनुष्य में रहता है वह उससे और अधिक प्राप्त करना चाहता है और इसके लिए तरह-तरह के साधनों का अविष्कार करता है। विज्ञान ने संसार को बहुत छोटा बना दिया है। आवागमन के साधनों की वजह से स्थानीय दूरियां खत्म हो गयी हैं।

रेडियोंदूरदर्शन और समाचार पत्रों ने संसार को एक परिवार के बंधन में बांध दिया essay washing money इन साधनों की मदद से हम घर bengali classifieds articles or blog posts essay बैठकर दूर के देशों की खबर पढ़ लेते हैं और सुन भी लेते हैं। इन साधनों की मदद की वजह से हमें दुसरे देशों में जाना नहीं पड़ता है।

कहाँ पर क्या घटित हुआ है किस देश की union secondary education essays क्या है यह बात हमें घर बैठे समाचार पत्रों से ही प्राप्त हो जाती है। मनुष्य के जीवन में जितना महत्व रोटी और पानी का होता है उतना ही समाचार पत्रों का भी होता है। आज के समय में समाचार पत्र जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग बन चूका है। समाचार पत्र की शक्ति असीम होती है।

प्रजातंत्र शासन में इसका बहुत अधिक महत्व होता है। देश की उन्नति और अवनति दोनों समाचार पत्रों पर निर्भर करती है। भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में भी समाचार पत्रों और उनके संपादकों का विशेष योगदान रहा है। सुबह-सुबह जब हम उठते हैं तो हमारा ध्यान सबसे पहले समाचार पत्रों पर जाता है।

जिस दिन भी हम समाचार नहीं पढ़ते हैंहमारा वह दिन सूना-सूना प्रतीत होता है। आज के समय में संसार के किसी भी कोने का समाचार सारे संसार में कुछ ही पलों में बिजली की तरह फ़ैल जाता है। मुद्रण कला के विकास के साथ समाचार पहुँचने के लिए समाचार-पत्रों का प्रादुर्भाव हुआ। आज के समय में रोज पुरे संसार में समाचार-पत्रों द्वारा समाचारों का विस्तृत वर्णन पहुंच रहा है। वर्तमान समय में संसार के किसी भी कोने में कोई भी घटना घटित ही जाए दुसरे दिन उसकी खबर हमारे पास आ जाती है।

भारत में समाचार पत्र का आरंभ : भारत में अंग्रेजों के आने से पहले समाचार पत्रों का प्रचलन नहीं था। अंग्रेजों ने ही भारत में समाचार पत्रों का विकास किया था। सन् 1780 में कलकत्ता में भारत का सबसे पहला समाचार पत्र प्रकाशित किया गया जिसका नाम दी बंगाल गैजेट था और इसका सम्पादन जेम्स हिक्की ने किया था। यही वो पल था जिसके बाद से समाचार पत्रों का विकास secret points picture essay था।

भारत में सबसे पहले समाचार दर्पण का प्रकाशन आरम्भ हुआ था। समाचार दर्पण के बाद उदंत मार्तंड का प्रकाशन भी आरम्भ हुआ था। उसके तुरंत बाद1850 में राजा शिवप्रसाद सितारेहिंद ने बनारस अख़बार को प्रकाशित किया था। इसके बाद भारत में बहुत सी पत्रिकाओं का संपादन किया गया।

जिस तरह से मुद्रण कला का विकास होने लगा उसी तरह से समाचार पत्रों की भी संख्या बढने लगी थी। आज देश के प्रत्येक भाग में समाचार पत्रों का प्रकाशन हो रहा है। कुछ ऐसे राष्ट्रिय स्तर के समाचार भी होते हैं जिनका प्रकाशन नियमित रूप से होता है।

दैनिक हिंदुस्तानfreedom of special message advertising religious beliefs essay टाईम्सदैनिक ट्रिब्यूनपंजाब केसरी हिंदी भाषा में प्रकाशित कुछ प्रसिद्ध समाचार पत्र होते हैं। इसी तरह से अंग्रेजी में बहुत से ऐसे प्रसिद्ध समाचार पत्र हैं जो पुरे भारतवर्ष womens privileges composition result structure पढ़े जाते हैं। आज marriage household essay questions समय joe simpson climber essay समाचार पत्रों का उद्योग एक स्थानीय उद्योग बन चूका है क्योंकि इससे लाखों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से run lola go using essay होते हैं।

समाचार-पत्रों का उद्भव और विकास :प्राचीन काल में समाचार पाने और भेजने के बहुत से साधन थे जैसे – कबूतरघोडाबाजसन्देशवाहकभ्रमणकारीपंडित तथा फकीर dissertation uni heidelberg biologie en देवताओं के संदेशों को एक जगह से दूसरी जगह पर पहुँचाने का काम भी नारद जी करते थे। वे तीनों लोकों में समाचारों को फैलाते थे। वर्तमान समय के नारद हैं समाचार पत्र।

छापाखाना के आविष्कार के बाद समाचार पत्र छपने लगे। मुगलों के जमाने में भारत का पहला समाचार पत्र निकला अखबार इ मुअल्ले निकला था जो हाथ से लिखा जाता था। समाचार-पत्रों का उद्भव Of sixteen वीं शताब्दी में चीन में हुआ था। संसार का सबसे पहला समाचार पत्र पेकिंग गजट हैलेकिन यह समाचार पत्र का the color green in summary essay or dissertation rubric प्रारम्भिक और प्राचीन रूप है। लेकिन समाचार पत्र के आधुनिक और परिष्कृत रूप का सबसे पहले प्रयोग मुद्रण के रूप में 17 वीं शताब्दी में इटली के बेसिन प्रान्त में हुआ था।

उसके समाचारों को दुसरे स्थानों तक भी पहुंचाया गया था। फिर धीरे-धीरे यूरोप के अन्य देशों में भी इसका विकास बढ़ता गया था। समाचार पत्र का मुद्रण के साथ घनिष्ट संबंध होता है। जिस तरह से मुद्रण यंत्रों का विकास होता गया उसी तरह से समाचार पत्रों का भी विकास उत्तरोतर होता है। आज समाचार पत्र राष्ट्रिय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संसार में प्रयोग में लाये जाते हैं।

समाचार पत्रों के भेद :समाचार पत्र कई प्रकार के होते हैं। समाचार पत्रों को दैनिकसाप्ताहिकपाक्षिकमासिकत्रैमासिकवार्षिक आदि भागों में बांटा जाता है। दैनिक समाचार पत्रों में हर तरह के समाचार को प्रमुखता दी जाती है। एनी पत्रिकाओं में समसामयिक विषयों पर विभिन्न लेखकों के लेखकिसी भी घटना की समीक्षाकिसी भी गणमान्य जन का साक्षात्कार प्रकाशित होता है। बहुत सी पत्रिकाएँ साल में एक बार विशेषांक निकालती हैं जिसमें साहित्यिकराजनैतिकधार्मिकसामाजिकपौराणिक विषयों पर ज्ञानवर्धकसारगर्भित सामग्रियों का वृहंद संग्रह होता है।

जनप्रतिनिधि :आज के समय में समाचार पत्र जनता के विचारों के प्रसार का सबसे बढ़ा साधन सिद्ध हो रहे हैं। essays record of cops corruption पत्र धनिकों की वस्तु न होकर जनता की आवाज है। समाचार पत्र शोषितों और दलितों की पुकार होते हैं। आज के समय में समाचार पत्र माता-पितास्कूल-कॉलेजशिक्षकथियेटर के आदर्श और उत्प्रेरक हैं।

समाचार पत्र हमारे परामर्शदाता और साथी सब कुछ होते हैं। इसी वजह से समाचार पत्र सच्चे अर्थों में जनता के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। समाचार पत्र बीते हुए कुछ घंटों पहले का ताजा और अच्छा चित्रण करते हैं। इसी वजह से समाचार पत्रों के लिए कहा जाता है कि सुबह के समाचार से ताजा कुछ नहीं और शाम के समाचार से बासी कुछ नहीं।

जन जागरण का माध्यम : समाचार पत्रों से हमें केवल समाचार ही प्राप्त नहीं होते हैं बल्कि जन-जागरण का भी माध्यम होता है। समाचार पत्र मानव जाति को समीप लाने का भी काम करते हैं। जिन देशों में लोकतंत्र की स्थापना हो चुकी है वहां पर उनका विशेष महत्व होता है। समाचार पत्र लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों से परिचित कराते हैं।

समाचार पत्र सरकार के उन कामों की कड़ी आलोचना करते हैं जो देश के लिए या जनसाधारण के लिए लाभकारी नहीं है। खुशी की बात यह है कि दो-चार समाचार पत्रों को छोडकर शेष सभी अपने दायित्व को अच्छी तरह से निभा रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में हमारे देश के समाचार पत्रों ने अच्छी भूमिका निभाई और अन्याय तथा अत्याचार का डटकर विरोध किया।

विविधता : आखिर दो-तीन रुपए के समाचार पत्र में क्या नहीं होता है ?

कार्टूनदेश भर के महत्वपूर्ण और मनोरंजक समाचारसंपादकीय लेखविद्वानों के लेखनेताओं के भाषण की रिपोर्टव्यापार और मेलों की सूचनाविशेष संस्करणों में स्त्रियों और बच्चों के उपयोग की सामग्रीपुस्तकों की आलोचनानाटककहानीधारावाहिकउपन्यासहास्य व्यंग्यात्मक लेख आदि विशेष सामग्री शामिल होती है।

समाज सुधार : समाचार पत्र सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में सहायता करते हैं। समाचार पत्रों से बड़ों-बड़ों के मिजाज ठीक हो जाते हैं। समाचार पत्र सरकारी नीति के प्रकाश और खंडन का सुंदर साधन grey vertisements body structure report essay है। इसके द्वारा शासन में भी सुधार किया जा सकता है।

समाचार पत्रों के लाभ : समाचार पत्र समाज के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। समाचार पत्र विश्व में आपसी भाईचारे और मानवता की भावना उत्पन्न करते हैं और साथ-ही-साथ सामाजिक रुढियोंकुरीतियोंअत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते हैं। यही नहींये लोगों में देशप्रेम की भावना भी उत्पन्न करते हैं। ये व्यक्ति की स्वाधीनता और उसके अधिकारों की भी रक्षा करते हैं।

चुनाव के दिनों में समाचार-पत्रों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होती जाती है। आज के समय में किसी भी प्रकार की शासन पद्धति ही क्यों न हो लेकिन समाचार पत्र ईमानदारी से अपनी भूमिका निभाते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति निक्सन के विरुद्ध समाचार पत्रों ने ही तो जनमत तैयार किया था। इसी तरह से समाचार-पत्रों के संपादकों और पत्रकारों ने अन्याय का विरोध करने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।

समाचार पत्र विविध क्षेत्रों में घटित घटनाओं के समाचारों को चारों ओर प्रसारित करने के सशक्त माध्यम हैं। प्रत्येक देश के शसकों के विभिन्न कार्यक्रमों को समाचार पत्र यत्र-तत्र-सर्वत्र प्रसारित करते हैं। संसार में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे विश्व संगठनों की विभिन्न गतिविधियों को समाचार पत्रों द्वारा ही दूर-दूर तक पहुंचाया जाता है।

हमारे देश में कई प्रमुख राष्ट्रिय स्तर के समाचार पत्र हैं जिनके संवाददाता हर क्षेत्र में विद्यमान रहते हैं जो अपने-अपने क्षेत्र की घटनाओं को मुख्य कार्यालय को प्रेषित करते हैं। समाचार पत्रों से ही हमें नवीन ज्ञान मिलता है। नए अनुसंधाननई खोजों की जानकारी हमें समाचार पत्रों से ही मिलती है।

समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाली सरकारी सूचनाओंआज्ञाओं और विज्ञापनों से हमें आवश्यक और महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाती है। समाचार पत्र एक व्यवसाय बन गया है जिससे हजारों संपादकोंलेखकोंरिपोर्टरों व अन्य कर्मचारियों को जीविका का साधन भी मिलता है। समाचार पत्रों से पाठक का मानसिक विकास होता है।

उनकी जिज्ञासा शांत होती है और साथ-ही-साथ ज्ञान पिप्सा भी बढ़ जाती है। समाचार पत्र एक व्यक्ति से लेकर सरे देश की आवाज होते हैं जो अन्य देशों में पहुंचती है। समाचार पत्रों से भावना एवं चिन्तन के क्षेत्र का विकास होता है। समाचार पत्रों में रिक्त स्थानों की सूचनासिनेमा जगत के समाचारक्रीडा जगत की गतिविधियाँपरीक्षाओं के परिणामवैज्ञानिक उपलब्धियाँवस्तुओं के भावों के उतार-चढ़ावउत्कृष्ट कविताएँ चित्रकहानियाँधारावाहिकउपन्यास आदि प्रकाशित होते हैं। समाचार पत्रों के विशेषांक बहुत उपयोगी होते हैं। इनमें महान व्यक्तियों की जीवन versorgungsplan pflegeberatung beispiel essayधार्मिकसामाजिक आदि उत्सवों का बड़े विस्तार से परिचय रहता है।

व्यापार वृद्धि : समाचार पत्र व्यापार के सर्वसुलभ साधन होते हैं। क्रय करने वाले और विक्रय करने वाले दोनों ही अपनी सुचना का माध्यम समाचार पत्रों को बनाते हैं। समाचार पत्रों से जितना अधिक लाभ साधारण जनता को होता है उतना ही लाभ व्यापारियों को भी होता है। बाजारों का उतार-चढ़ाव भी इन समाचार पत्रों की सूचनाओं पर चलता है। सभी व्यापारी बड़ी उत्कंठा से समाचार पत्रों को पढ़ते हैं।

शिक्षा के साधन :समाचार पत्र केवल समाचारों का ही प्रसारण नहीं करते हैं अपितु बहुत से विषयों में ज्ञानवर्धन में । बहुत सहायक होते हैं। नियमित रूप से समाचारों को पढने से बहुत लाभ होते हैं। समाचार पत्रों को पढने से इतिहासभूगोलराजनीतिसाहित्यविज्ञान और मानवदर्शन का ज्ञान सहज में ही हो जाता है।

विभिन्न साप्ताहिकपाक्षिक व मासिक पत्रिकाओं में अनेक साहित्यिक व दार्शनिक लेख निकलते रहते हैं जो विभिन्न अनुभवी एवम् विद्वान लेखकों द्वारा संकलित होते हैं। दैनिक समाचार पत्र के सम्पादकीय में समसामयिक विषयों पर अत्यंत सारगर्भित विचार व रहस्यपूर्ण जानकारी निकलती रहती हैजिससे उस विषय का गहन ज्ञान प्राप्त होता है।

मनोरंजन के साधन : समाचार -पत्रों से जनता का मनोरंजन भी होता है। दैनिक पत्रों मेंविशेषकर शनिवार व रविवार के पत्रों में कई मनोरंजक कहानियाँचुटकुलेप्रहसनपहेलियाँ आते हैं। इसके अलावा साप्ताहिकपाक्षिक व मासिक पत्रिकाओं में तो मनोरंजन की भरपूर सामग्री उपलब्ध paul graham works silicon valley है। समाचार पत्रों में कहानीगजलों और कविताओं का बहुत ही सुंदर संकलन होता है।

विज्ञापन : विज्ञापन भी आज के युग में बहुत महत्वपूर्ण हो रहे हैं। सभी लोग विज्ञापन वाले पृष्ठ को जरुर पढ़ते हैं क्योंकि इसी के सहारे वे अपनी जीवन यात्रा का प्रबंध करते हैं। समाचार पत्रों में अनेक व्यवसायिक malaysia a family home essay contest निकलते रहते हैं जिनमें विभिन्न कम्पनियों में निर्मित वस्तुओं का प्रचार किया जाता है।

इनसे पाठकों को हर वस्तुओं के गुणदोष व उपयोग का ज्ञान होता है। समाचार पत्रों में सरकारीगैर सरकारी व निजी क्षेत्रों में नौकरियों के लिए भी विज्ञापन आते हैं जिनमें पाठक अपनी योग्यता के अनुसार प्रार्थना पत्र भेजते हैं। बहुत से पत्र तो पूर्णरूपेण रोजगार के लिए ही प्रकाशित होते हैं जैसे रोजगार समाचार आदि।

इन्हीं विज्ञापनों में नौकरी की मांगेंवैवाहिक विज्ञापनव्यक्तिगत सूचनाएँ और व्यापारिक विज्ञापन आदि होते हैं। जो चित्रपट जगत् के विज्ञापन होते हैं उनके लिए विशेष पृष्ठ होते हैं। समाचार पत्र विज्ञान का एक सशक्त माध्यम होता है। उपभोग की वस्तुओं के विज्ञापनों को इन्हीं bbc concentration publication reviews छापा जाता है।

समाचार -पत्रों से हानियाँ : समाचार पत्र से जितने लाभ होते हैं उतनी हानियाँ भी होती हैं। समाचार पत्र सीमित विचारधाराओं में बंधे होते हैं। प्राय: पूंजीपति ही समाचार पत्रों के मालिक होते हैं और ये अपना ही प्रचार करते हैं। कुछ समाचार पत्र तो सरकारी नीति की भी पक्षपात प्रशंसा करते हैं।

कुछ ऐसे भी समाचार पत्र होते हैं जिनका एकमात्र उद्देश्य केवल सरकार का विरोध करना होता है। ये दोनों ही बातें उचित नहीं होती हैं। समाचार पत्रों से पूरा समाज प्रभावित होता है। समाचार पत्र कभी-कभी झूठे और बेकार के समाचारों को छापना शुरू कर देते हैं। कभी-कभी तो समाचार पत्र सच्चाई को तोड़-तोडकर छाप देते हैं। इसी तरह से साम्प्रदायिकता का जहर फ़ैलाने में भी कुछ समाचार पत्र भाग लेते हैं।

जो लोग समाज को लूटते हैं और प्रभावशाली लोगों के दवाब में आकर वे उनके खिलाफ कुछ नहीं लिखते हैं। इसकी वजह से समाज में भ्रष्टाचार और अन्याय को बहुत बल मिलता है। कुछ समाचार पत्र पूंजीपतियों की संपत्ति होते हैं। उन समाचार पत्रों से न्यायमंगल और सच्चाई की आशा ही नहीं की marriage wuthering altitudes essays सकती है।

कुछ संपादकों और संवाददाता अमीरों तथा राजनीतिज्ञों के हाथ में बिककर उलटे-सीधे समाचार छापकर जनता को गुमराह करते हैं। समाचार पत्रों में सरकार की सही नीतियों को भी कभी-कभी गलत तरीके से पेश करके जनता को भ्रमित किया जाता है। अश्लील विज्ञापन लोगों के मनों में विशेषरूप से बच्चों के मन में कुत्सित भावना उत्पन्न करते हैं। कुछ विज्ञापनों को जनता को ठगने के लिए दिया जाता है।

उपसंहार : जो वस्तु जितनी अधिक महत्वपूर्ण होती है उसका दायित्व भी उतना ही अधिक होता है। समाचार -पत्र स्वतंत्रनिर्भीकनिष्पक्षसत्य के पुजारी होते हैं लेकिन उनका लगातार जागरूक होना जरूरी है। समाज में फैले la conscience de soi imagine l elle autrui dissertation अत्याचारअनाचारअन्याय और अधर्म का विरोध करना ही समाचार पत्रों का दायित्व होता है।

इसी तरह से रुढियोंकुप्रथाओं और कुरीतियों का उन्मूलन करने में भी समाचार पत्र बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आधुनिक युग में समाचार पत्रों का बहुत अधिक महत्व है। समाचार पत्रों का उतरदायित्व भी होता है कि उसके समाचार निष्पक्ष होंकिसी विशेष पार्टी या पूंजीपति के स्वार्थ का साधन न बनकर रह जाये।

आज की लोकप्रियता व्यवस्था में समाचार पत्रों का अत्यधिक महत्व होता है। समाचार पत्र ज्ञानवर्धन के साधन होते हैं इसलिए उनका नियमित रूप से अध्धयन करना चाहिए। समाचार पत्रों के बिना आज का युग अधुरा होता है। समाचार पत्रों की ताकत बहुत बड़ी होती है। आधुनिक युग में शासकों को जिसका भय होगा वे समाचार पत्र हैं।

किसी भी देश में समाचार पत्रों की स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाना चाहिए। गंदेअश्लील और भ्रामक पत्रों पर रोक लगनी चाहिए। समाचार पत्रों के लाभ और हानि का पूरा भर संपादक के ऊपर ही निर्भर करता है। सम्पादक को महत्व को अच्छी तरह से समझना चाहिए। अगर वे धर्मजातिनिजी लाभ जैसे विषयों को छोडकर ईमानदारी से अपना काम करे तो वास्तविक business email address training plans essay में देश की सच्ची सेवा कर सकते हैं। सम्पादक जनता के विचारों का प्रतिनिधित्व करता है। उसे निर्भय होकर जनता के विचारों को अपनाना चाहिए और देश को उन्नति का मार्ग दिखाना चाहिए।

समाचार पत्र पर निबंध-Essay For Classifieds In Hindi

समाचार पत्र पूरे संसार भर की खबरों का संग्रह होता है, जो हमें विश्व में होने वाली सभी घटनाओं के बारे में जानकारी देता है। हमें नियमित रुप से अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। यह बहुत ही अच्छी आदत है। आपको अपने बच्चों को इस आदत के लिए बढ़ावा देना चाहिए और उन्हें समाचार पत्र के विषय पर स्कूल या कॉलेज में होने वाली निबंध लेखन प्रतियोगिता या समूह परिचर्चा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी करना चाहिए। हम यहाँ विद्यार्थियों के लिए कुछ सरल और cheap neo plagiarized documents regarding leadership समाचार पत्र या अखबार पर निबंध उपलब्ध करा रहे हैं। वे इनमें से कोई भी समाचार पत्र पर निबंध अपनी आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हैं:

समाचार पत्र पर निबंध (न्यूज़पेपर एस्से)

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समाचार पत्र पर निबंध 1 (100 शब्द)

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आजकल, बिना समाजार पत्र के जीवन की कल्पना करना कठिन है। यह वो पहली और आवश्यक वस्तु है, जिसे सभी हर सुबह सबसे पहले देखते हैं। यह पूरे विश्व में हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी देकर वर्तमान समय से जुड़े रखने में हमारी मदद करता है। यह हमें help along with a article writing बात की जानकारी देता है कि समाज, देश और विश्व में क्या चल रहा है। अखबार विश्व के हरेक कोने से प्रत्येक सूचना और खबर bengali newspaper articles or reviews essay सभी के प्रमुख विचारों को लाता है। समाचार पत्र व्यापारियों, राजनितिज्ञों, सामाजिक मुद्दों, बेरोजगारों, खेल, अन्तर्राष्ट्रीय समाचार, विज्ञान, शिक्षा, दवाईयों, अभिनेताओं, मेलों, त्योहारों, तकनीकियों आदि की जानकारी देता है। यह हमारे ज्ञान कौशल और तकनीकी जागरुकता को बढ़ाने में मदद करता है।

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वर्तमान समय में, समाचार पत्र की illustrative article instance subject areas to get detailed essays पूरे विश्व में फैल गई हैं। आजकल, सभी अपने ज्ञान के बारे में अधिक जागरुक हो गए हैं। नियमित रुप से अखबार पढ़ना बहुत अच्छी आदत है। हम सभी को भी अपने जीवन में अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। यह हमें आधुनिक तरीकों और परम्पराओं के बारे में जानकारी देता है। यह हमें स्कूलों, कॉलेजों, न्यायालयों, नीतियों, कार्यालयों, होटलों, रेस्तराओं और बाजारों आने वाली अन्य नई चीजों के बारे में जानकारी देता है।

समाचार पत्र सबसे महत्वपूर्ण वस्तु है, जो सभी धर्म, जाति या जनजाति के द्वारा प्रयोग किया जाता है। यह हमारे स्कूल प्रोजैक्ट्स (परियोजनाओं) और ग्रह कार्यों को करने में मदद करता है। यह हमें शोधों, नई तकनीकियों, बाजार के ऊतार-चढ़ाव, और अन्य चीजों के बारे thesis in immigration towards the particular usa states जानकारी देता है। ब्रांड और भुगतान के अनुसार, समचार पत्र और पत्रिकाएं बहुत प्रकार के होते हैं। जिनमें देश विदेश की सभी तरह की सूचनाओं का संग्रह होता है।

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समाचार पत्र पर निबंध-Essay About Papers On Hindi

आजकल, समाचार पत्र जीवन की एक आवश्यकता बन गया है। यह बाजार में लगभग सभी भाषाओं में उपलब्ध होता है। एक समाचार पत्र खबरों का प्रकाशन होता है, जो कागजों पर छापा जाता है और लोगों के घरों में chevening scholarship grant particular statement किया जाता है। अलग-अलग देश अपना अलग समाचार संगठन रखते हैं। अखबार हमें अपने देश में हो रही सभी घटनाओं के साथ ही संसार में हो रही घटनाओं से भी अवगत कराते हैं। यह हमें खेल, नीतियों, धर्म, समाज, अर्थव्यवस्था, फिल्म उद्योग, फिल्म (चलचित्र), भोजन, रोजगार आदि के बारे में बिल्कुल सटीक जानकारी देता है।

पहले समय में, समाचार पत्रों में केवल खबरों का विवरण प्रकाशित होता था हालांकि, अब इसमें बहुत से विषयों के बारे में खबरें और विशेषज्ञों के विचार यहाँ तक कि, लगभग सभी विषयों की जानकारी भी निहित होती है। बहुत से समाचार पत्रों की कीमत बाजार में उनकी खबरों के विवरण और उस क्षेत्र में प्रसिद्धी के कारण अलग-अलग होती है। समाचार पत्र या easy essay questions में दैनिक जीवन की सभी वर्तमान घटनाएं नियमित रुप से छपती है हालांकि, उनमें से कुछ हफ्तें या सप्ताह में दो बार, एक बार या महीनें में एक बार भी प्रकाशित होती है।

समाचार पत्र लोगों की आवश्यकता और जरुरत के अनुसार लोगों के एक से अधिक उद्देश्यों की पूर्ति करता है। समाचार पत्र बहुत ही प्रभावी और शक्तिशाली होते हैं और संसार की सभी खबरों व सूचनाओं को एक साथ एक स्थान पर देते हैं। सूचनाओं की तुलना में इसकी कीमत बहुत कम होती है। यह हमें हमारे चारो ओर हो रही सभी घटनाओं के बारे में सूचित long time period maintenance cover up mail selections essay रहता है।


 

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इन दिनों समाचार पत्र बहुत ही महत्वपूर्ण वस्तु है। यह सभी के लिए अपने दिन की शुरुआत करने के लिए पहली और महत्वपूर्ण वस्तु है। अपने दिन की शुरुआत ताजी खबरों और सूचनाओं के साथ करना बहुत ही बेहतर होता है। यह हमें आत्मविश्वासी बनाता है और हमारे व्यक्तित्व को सुधारने में हमारी मदद करता है। सुबह को सबसे पहले यह सभी को ढेर सारी सूचनाओं और खबरों से परिचित कराता है। देश का नागरिक होने के नाते, हम अपने देश व दूसरे देशों में होने वाली सभी घटनाओं और विवादों के बारे में जानने के लिए पूरी तरह asian encounters and additionally immigration to be able to the states essay जिम्मेदार हैं। यह हमें राजनीति, खेल, व्यापार, उद्योग आदि के बारे में सूचित करता है। यह हमें बॉलीवुड और व्यावसायिक हस्तियों के व्यक्तिगत जीवन के बारे में भी जानकारी देता है।

समाचार पत्र हमें संस्कृति, परम्पराओं, कलाओं, पारम्परिक नृत्य आदि के बारे में जानकारी देता है। ऐसे आधुनिक समय में जब interesting details approximately jk rowling essay व्यक्तियों को अपने पेशे या नौकरी से अलग कुछ भी जानने का समय नहीं है, ऐसी स्थिति में यह हमें मेलों, उत्सवों, त्योहारों, सांस्कृतिक त्योहारों आदि का दिन व तारीख बताता है। यह समाज, शिक्षा, भविष्य, प्रोत्साहन संदेश और विषयों के बारे में खबरों के साथ ही रुचिपूर्ण वस्तुओं के बारे में बताता है, इसलिए यह हमें कभी भी नहीं ऊबाता है। यह हमें हमेशा संसार में सभी वस्तुओं के बारे में अपने रुचिपूर्ण विषयों के माध्यम से प्रोत्साहित करता है।

वर्तमान समय में, जब is furthermore there any evidence of of ghouls essay लोग अपने जीवन में इतने व्यस्त है, ऐसे cover page test out questions essay उनके लिए बाहरी संसार के बारे में सूचनाओं या खबरों की जानकारी होना बहुत ही मुश्किल से संभव है, इसलिए समाचार पत्र इस तरह की कमजोरी को हटाने stasiland article requests examples सबसे अच्छा विकल्प है। यह हमें केवल 15 मिनट या आधे घंटे में विस्तृत जानकारी देता है। यह सभी क्षेत्रों से संबंधित व्यक्तियों के लिए बहुत ही लाभदायक है क्योंकि यह सभी के अनुसार जानकारियों को रखता है; जैसे- विद्यार्थियों, व्यापारियों, राजनेताओं, खिलाड़ियों, शिक्षकों, उद्यमियों आदि।

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समाचार पत्र पर निबंध-Essay On Publication In Bengali paper content essay पत्र हमारे पास प्रतिदिन सुबह को आता है और मैं समाचार पत्र के साथ अपनी बॉलकनी में एक कप गर्म चाय के साथ बेहतर महसूस करता हूँ। समाचार पत्र दिन प्रति दिन अपने बढ़ते हुए महत्व के कारण सभी क्षेत्रों में बहुत ही प्रसिद्धी प्राप्त कर रहा है, चाहे वो क्षेत्र पिछड़ा हुआ हो या उन्नत। समाज में लोग अपने ज्ञान स्तर और सामयिक घटनाओं, विशेषरुप से राजनीति और बॉलीवुड के बारे में जानने के लिए अधिक सचेत हो गए है। विद्यार्थियों के लिए समाचार पत्र पढ़ना बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सभी के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह उनकी किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी नौकरी के लिए तकनीकी या प्रतियोगी big dipper facts essay को पास करने में मदद करता है।

समाचार पत्र पढ़ना बहुत ही रुचि का कार्य है। यदि कोई इसे नियमित रुप से पढ़ने का शौकीन हो गया तो वह कभी भी समाचार bengali newspaper content pieces essay पढ़ना नहीं छोड़ सकता/सकती। यह विद्यार्थियों के लिए बहुत अच्छा है क्योंकि यह हमें सही ढ़ंग से अंग्रेजी बोलना सिखाता है। अखबार अब देश के पिछड़े हुए क्षेत्रों में भी बहुत प्रसिद्ध हो गए हैं। किसी भी भाषा को बोलने वाला व्यक्ति समाचार पत्र पढ़ सकता है क्योंकि यह विभिन्न भाषाओं; जैसे- हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू आदि में क्षेत्रों के अनुसार उपलब्ध है। समाचार पत्र हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे लिए दुनिया भर के कोनों से सैंकड़ों खबरें लाता है।

समाचार हमारे लिए सबसे पहली रुचि और आकर्षण है। बिना समाचार पत्र और खबरों के, हम बिना पानी की मछली से अधिक और कुछ नहीं हैं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ जनता का अपने देश पर शासन होता है, इसलिए उनके लिए राजनीति की सभी गतिविधियों को जानना बहुत आवश्यक है। आधुनिक तकनीकी संसार में, जहाँ सबकुछ उच्च तकनीकियों पर निर्भर करता है, समाचार और खबरें कम्प्यूटर और इंटरनेट पर भी उपलब्ध हैं। इंटरनेट का प्रयोग करके, हम संसार की सभी सूचनाओं को प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी सामाजिक मुद्दे के बारे में सामान्य जनता में जागरुकता बढ़ाने के लिए समाचार पत्र सबसे अच्छा तरीका है। यह देश की जनता और सरकार के बीच संवाद करने का सबसे अच्छा तरीका है।


 

समाचार पत्र पर निबंध 6 (450 शब्द)

समाचार पत्र पर निबंध-Essay About Rag Around Hindi

समाचार पत्र बहुत ही शक्तिशाली यंत्र है जो व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को विकसित करता है। यह लोगों और संसार के बीच वार्ता का सबसे अच्छा साधन है। यह ज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। यह अधिक ज्ञान और सूचना प्राप्त करने के साथ ही कुशलता के स्तर को बढ़ाने का सबसे अच्छा स्रोत है। यह सभी क्षेत्रों में बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध है। हम समाचार पत्रों तक आसानी से पहुँच सकते हैं। इसके लिए हमें केवल किसी भी समाचार पत्र के संगठन में सम्पर्क करके इसके लिए केवल भुगतान करने की जरुरत होती है। यह देश की विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित होता है। हरेक सुबह सभी पूरे साहस के साथ समाचार पत्र का इंतजार करते हैं।

समाचार पत्र समाज के लोगों को सकारात्मक रुप से प्रभावित करता है। सभी लोग देश की सामयिक घटनाओं को जानने में रुचि रखने लगे हैं। समाचार पत्र सरकार और लोगों के बीच जुड़ाव का सबसे अच्छा तरीका है। यह लोगों को पूरे संसार की सभी बड़ी व छोटी खबरों का विवरण प्रदान करता है। यह देश के लोगों को नियमों, कानूनों और अधिकारों के बारे में जागरुक बनाता है। समाचार पत्र विद्यार्थियों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि ये विशेषरुप से राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का सामान्य ज्ञान और सामयिक घटनाओं के बारे में बताता है। यह हमें सभी खुशियों, विकासों, नई तकनीकियों, शोधों, खगोलीय और मौसम में बदलावों, प्राकृतिक वातावरण आदि की सूचना देता है।

समाचार पत्र में सामाजिक मुद्दों, मानवता, संस्कृति, परम्परा, जीवन-शैली, ध्यान, योगा आदि के बारे में बहुत अच्छे लेख भी होते हैं। यह सामान्य जनता के विचारों के बारे में भी सूचना रखता है और बहुत से सामाजिक और आर्थिक विषयों को सुलझाने में मदद करता है। इसके प्रयोग से राजनेताओं, निश्चित सरकारी नीतियों जिसमें दूसरे दलों की भी नीतियाँ शामिल होती है आदि के बारे में जाना georgius agricola scholarship grant essays है। यह नौकरी ढूँढ़ने वालो की, बच्चों को अच्छे स्कूल में प्रवेश दिलाने, व्यापारियों को वर्तमान व्यापारिक गतिविधियों का जानने, बाजार के वर्तमान प्रचलन, नई रणनीतियों आदि में मदद करता है।

यदि हम प्रतिदिन नियमित रुप से समाचार पत्र पढ़ने की आदत बनाते है, तो यह हमारी बहुत मदद करता है। यह हम में पढ़ने की आदत विकसित करता है, हमारे प्रभाव में सुधार करता है और हमें बाहर के बारे में सभी जानकारी देता है। कुछ लोगों में समाचार पत्र को प्रत्येक सुबह पढ़ने की आदत होती है। वे समाचार पत्र की अनुपस्थिति में बहुत अधिक बेचैन हो जाते हैं और पूरे दिन कुछ अकेलापन महसूस करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी भी अपने मस्तिष्क को वर्तमान सामयिक घटनाओं से जोडे रखने के लिए नियमित रुप से अखबार पढ़ते हैं। समाचार पत्र आकर्षक मुख्य शीर्षक लाइन के अन्तर्गत सभी की पसंद के अनुसार बहुत अधिक खबरों को प्रकाशित करते हैं इसलिए इससे कोई भी परेशान नहीं होता। हमें विभिन्न अखबारों को पढ़ना जारी रखना चाहिए और परिवार के अन्य सदस्यों और मित्रों को भी समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

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समाचार पत्र पर निबंध-Essay With Papers Through Hindi

समाचार पत्र पर निबन्ध | Essay to get Young children at Newspapers throughout Hindi!

1.

भूमिका:

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी (A Social Being) है क्योंकि उसमें बुद्धि और ज्ञान है । जितना ज्ञान मनुष्य में रहता है, वह उससे और अधिकपाना चाहता है औ रइसके लिए तरह-तरह के साधनों (Means) का आविष्कार (Invention Discovery) करता रहता है । संसार भर की घटनाओं (Incidents) के बारे में ताजा जानकारी (Fresh information) पाने का ऐसा ही एक साधन है समाचार-पत्र ।

आज सूचना और जानकारी पाने के अनेक साधनों का आविष्कार हो चुका है जैसे रेडियो, टेलीविजन, मोबाइल टेलीफोन, इन्टरनेट द्वारा ई-मेल, वेबसाइट इत्यादि । किन्तु आज भी समाचार पत्रों का अपना एक अलग स्थान है ।

2.

विकास:

प्राचीन काल (Ancient times) में समाचार पाने और भेजने के साधन थे – कबूतर, male socialization essay, बाज (Hawk) तथा संदेशवाहक (Messenger) आदि । भ्रमणकारी (Travellers), पंडित तथा फकीर आदि भी संदेश (Message) लाने-ले जाने का काम करते थे ।

देवताओं के संदेशवाहक नारद के बारे में तो सबने सुना होगा । वे तीनों लोकों में घूमते रहते थे और एक स्थान का समाचार दूसरे स्थान के लोगों को देते थे । आज के नारद हैं समाचार-पत्र । छापाखाना (Press) के आविष्कार के बाद समाचार पत्र छपने लगे । मुगलों के जमाने में भारत का पहला अखबार (Newspaper) निकला ‘अखबार इ मुअल्ले’ जो हाथ से लिखा जाता था ।

अंग्रेजों के समय में सन् 1780 में कलकत्ता से ‘इंडियन गजट’ नाम का समाचार पत्र निकला । इससे पहले हॉलैंड में 1526 में ही समाचार-पत्र merchant connected with venice calendar year 10 coursework शुरू हो गया था । हिन्दी का पहला पत्र ‘उदन्त मार्तंड’ था, जो सन् 1826 में कोलकाता में निकला था ।

आज दुनिया की सभी भाषाओं में समाचार-पत्र निकलते हैं । हिन्दी में दैनिक हिन्दुस्तान, नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर, राष्ट्रीय सहारा, air force international assignments आदि प्रमुख समाचार पत्र आज-कल प्रकाशित हो रहे हैं । समाचार पत्र पी.टी.आई, भाषा, यू.एन.आई.

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यूनी.वार्ता, ए.ए.फपी, रॉयटर आदि एजेंसियों से टेलीप्रिंटरों और फैक्स के द्वारा समाचार तथा तस्वीरें प्राप्त करते हैं जिसके लिए अनेक संवाददाता (Correspondants ; News flash Reports) संसार के अनेक कठिन स्थानों पर पहुँचते रहते हैं और घर बैठे हमें सभी जगहों का समाचार मिल जाता है ।

3.

लाभ-हानी:

समाचार पत्रों से हमें कहानियाँ चुटकले, लेख आदि अनेक प्रकार की चीजें पढ़ने को मिल जाती हैं । वे हमें सरकारों के बारे में बताते हैं और सरकारों (Governments) को हमारे बारे में । समाचार पत्र यदि कोई गलत समाचार प्रकाशित कर दें या गलत विचार फैला दें तो इससे समाज की बड़ी हानि हो सकती है । व्यापार के लिए ये वरदान (Boon) या अभिशाप (Bane) साबित हो सकते हैं ।

4.

उपसंहार:

समाचार पत्र हमारे जीवन की एक जरूरी आवश्यकता (Essential Need) बन चुके हैं । इसके बिना हमारा काम नहीं चल सकता । समाचार पत्र राजा को रैक बना सकता है और रैक को राजा बना सकता है ।

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